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25 साल के आत्ममंथन सत्र में उठे गंभीर आरोप, उत्तराखंड विशेष सत्र में गूंजा कमीशनखोरी का मुद्दा,
November 4, 2025
उत्तराखंड विशेष सत्र, देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित दो दिवसीय विशेष सत्र में मंगलवार को कमीशनखोरी और ठेकेदारी के मुद्दे पर जबरदस्त बहस देखने को मिली। जहां एक ओर विधायक राज्य के विकास पर चर्चा कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर कई विधायकों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर खुलकर
द्रौपदी मुर्मू बनीं बाबा नीब करौरी के दरबार में पहुंचने वाली पहली राष्ट्रपति
November 4, 2025
नैनीताल— उत्तराखंड दौरे के तीसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को नैनीताल जिले के प्रसिद्ध नीब करौरी कैंची धाम पहुंचीं। बाबा नीब करौरी महाराज के दरबार में माथा टेकते हुए उन्होंने देश और प्रदेश की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस तरह वे भारत की पहली राष्ट्रपति बन गईं, जिन्होंने कैंची धाम में
राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं — महिलाओं को पुरुषों के बराबर प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, वंदना कटारिया और सुशीला बलूनी का किया जिक्र
November 3, 2025
देहरादून से बड़ी खबर — उत्तराखंड स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह पर सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य के 25 साल की विकास यात्रा, महिला सशक्तिकरण और समान नागरिक संहिता जैसे बड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। राष्ट्रपति ने कहा —
नैनीताल: उत्तराखंड में दुष्कर्म के बाद किशोरी हुई गर्भवती, परिजनों ने किया बाल विवाह
November 3, 2025
नैनीताल: हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। यहां 16 साल की एक किशोरी के साथ दुष्कर्म हुआ, और जब वो गर्भवती हो गई तो परिजनों ने समाज के डर से उसी युवक से उसकी शादी करा दी। लेकिन अब यह राज खुल चुका
उत्तराखंड स्थापना दिवस – 25 वर्षों का सफर: क्या खोया, क्या पाया
November 3, 2025
9 नवंबर 2025 को देवभूमि उत्तराखंड अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। यह दिवस राज्य के लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों के संघर्ष और सपनों का प्रतीक है, जिन्होंने एक अलग पर्वतीय राज्य का सपना देखा था। इन रजत जयंती वर्षों में, उत्तराखंड ने विकास की राह पर
घर में वेदी क्यों होती है? (Why Do We Have an Home Altar)
November 2, 2025
Home Altar: भारत में घरों में मंदिर या पूजाघर होना हमारी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। हिंदू धर्म में पूजा, भक्ति और ध्यान का केंद्र सिर्फ मंदिर नहीं, बल्कि हमारा अपना घर भी होता है। हर घर में एक ऐसी जगह होती है, जहाँ रोज़ दीपक जलाया जाता है, अगरबत्ती की खुशबू फैलती है
मंदिर क्यों जाते हैं? (Why Do We Go To Temples?)
November 2, 2025
भारत में मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। बचपन से हम सुनते आए हैं कि मंदिर जाना शुभ होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे कारण क्या है? आइए जानते हैं कि आखिर मंदिर क्यों बनाए गए और वहां जाने
रंगोली बनाने की परंपरा क्यों है? (Why Do We Make Rangoli?)
November 2, 2025
Rangoli: भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर त्योहार रंगों से सजा हुआ होता है। दीपावली, पोंगल, ओणम या संक्रांति — हर पर्व पर घरों के आँगन में रंग-बिरंगी रंगोली बनाई जाती है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर रंगोली बनाने की परंपरा क्यों शुरू हुई थी? इस लेख में हम रंगोली के
महिलाएं चूड़ियां क्यों पहनती हैं? (Why Do Women Wear Bangles?)
November 2, 2025
Bangles: भारत में चूड़ियों का संबंध सिर्फ सौंदर्य से नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और विज्ञान से भी जुड़ा हुआ है। जब भी किसी महिला के हाथों में चूड़ियों की खनक सुनाई देती है, तो मानो घर-आंगन में एक नई ऊर्जा का संचार हो जाता है। चलिए जानते हैं, आखिर महिलाएं चूड़ियां क्यों पहनती हैं, इसके
अतिथि देवो भवः का अर्थ और महत्व (Meaning of Atithi Devo Bhava)
November 2, 2025
Atithi Devo Bhava: भारत अपनी संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। जब कोई मेहमान हमारे घर आता है, तो हम उसका स्वागत खुले दिल और सम्मान के साथ करते हैं। यह भारतीय संस्कार केवल एक सामाजिक प्रथा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है — और इसी का प्रतीक
