एसएसबी गुरिल्ला संगठन ने गंगोत्री विधानसभा विधायक सुरेश चौहान को सौंपा ज्ञापन, दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

Spread the love

उत्तरकाशी: एसएसबी गुरिल्ला संगठन ने गंगोत्री विधानसभा के विधायक सुरेश चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की है। संगठन ने अपने ज्ञापन में बताया कि वे पिछले 18 वर्षों से अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।

संगठन के सदस्यों ने बताया कि 11 जनवरी 2023 को सरकार को अल्टीमेटम देने के बाद घरासू में चक्का जाम किया गया था। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं किया गया था। बावजूद इसके, धरासू थाने में 14 गुरिल्लाओं के खिलाफ धारा 147 और 341 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

संगठन ने विधायक को अवगत कराया कि सभी गुरिल्ला सदस्य गरीब और बेरोजगार हैं, जो अपने परिवार का भरण-पोषण करने में भी सक्षम नहीं हैं। उन्होंने विधायक से अपील की कि मुकदमा वापस लेकर उनके जीवन को राहत दी जाए।

इस मौके पर संगठन ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। विधायक सुरेश चौहान ने ज्ञापन पर विचार करने और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

केदारनाथ उपचुनाव: चप्पे-चप्पे पर नजर, 75% मतदान केंद्रों पर CCTV से वेबकास्टिंग, GPS ट्रैकिंग से गाड़ियों पर भी नजर

WhatsApp Image 2024 11 20 at 14.41.42 8a87b333

बताते चलें कि एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्ला संगठन ने उत्तराखंड सरकार से 18 वर्षों से लंबित अपनी मांगों को लेकर शीघ्र कार्रवाई की अपील की है। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि मणिपुर सरकार ने एसएसबी प्रशिक्षित गुरिल्लाओं को नौकरी और पेंशन दे दी है, जबकि उत्तराखंड में उनके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

गुरिल्ला संगठन ने बताया कि कई बार आंदोलन किए गए हैं, जिनमें 9 अगस्त 2013 को मुख्यमंत्री आवास घेराव, 20 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठकें और गृह सचिव रिद्विमा अग्रवाल से बातचीत शामिल हैं। हालांकि, इन बैठकों के बावजूद अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि 2 सितंबर 2024 को मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद गृह सचिव ने 48 घंटे में कार्यवाही का आश्वासन दिया था, लेकिन 3 माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिसंबर तक उनकी तीन सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो 17 दिसंबर को पूरे जिले के गुरिल्ला देहरादून कूच करेंगे और 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

संगठन ने कहा कि यदि सरकार उन्हें रोकने का प्रयास करती है, तो वे वहां अनिश्चितकालीन धरना देंगे।

श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट विधि-विधान से शीतकाल के लिए बंद

 


अगर आपको  उत्तराखंड से सम्बंधित यह पोस्ट अच्छी  लगी हो तो इसे शेयर करें साथ ही हमारे Facebook | Twitter | Instagram व | Youtubeको भी सब्सक्राइब करें

About The Author

Leave a Comment