देवप्रयाग के सौड़ में रेलवे सुरंग में मॉक ड्रिल से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारी

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पौड़ी गढ़वाल ( प्रदीप शाह) । देवप्रयाग के सौड़ में निर्माणाधीन रेल परियोजना की सुरंग में बुधवार को आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान सुरंग में फंसे सभी 10 मजदूरों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गिरीश गुणवंत और अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अनिल गर्ब्याल ने पूरे अभियान पर नजर रखी।

मॉक ड्रिल का परिदृश्य

सुबह 11 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सुरंग में मलबा भर गया है, जिसमें कुछ मजदूर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

देवप्रयाग के सौड़ में रेलवे सुरंग में मॉक ड्रिल से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारी

  • बचाव टीम की त्वरित कार्रवाई:
    • नायब तहसीलदार, पुलिस बल, आपदा प्रबंधन टीम, और आपदा मित्र मौके पर पहुंचे।
    • एनडीआरएफ की टीम भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बुलाई गई।
    • स्वास्थ्य विभाग ने घटनास्थल पर एंबुलेंस की व्यवस्था की।
  • स्थायी और अस्थायी कंट्रोल रूम की स्थापना:
    घटनास्थल के समीप एक पुलिस कंट्रोल रूम और स्टेजिंग एरिया स्थापित किया गया। साथ ही, जिला मुख्यालय में अस्थायी कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रक्रिया

बचाव दल ने सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने का कार्य शुरू किया:

  1. पहला चरण: सुरंग से दो मजदूरों को सामान्य घायल अवस्था में निकाला गया और उन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवप्रयाग भेजा गया।
  2. दूसरा चरण: छह मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  3. अंतिम चरण: शेष दो मजदूरों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें से एक की स्थिति गंभीर थी, जिसे तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल भेजा गया।

 

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मॉक ड्रिल का उद्देश्य

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन की कमियों को पहचानना और उन्हें दूर करना है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से मॉक ड्रिल के दौरान मिली समस्याओं और सुझावों की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया।

अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने इस बात पर जोर दिया कि आपदा की सूचना मिलते ही सभी संबंधित अधिकारियों को कंट्रोल रूम में पहुंचकर समन्वय स्थापित करना चाहिए।

समन्वय और संचार की भूमिका

एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट सुनील कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन में समन्वय और संचार सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देवप्रयाग के सौड़ में रेलवे सुरंग में मॉक ड्रिल से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारी

उपस्थित अधिकारी

इस अवसर पर मुख्य कोषाधिकारी गिरीश चंद्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, अधिशासी अभियंता एसके रॉय, सहायक अभियंता शिवेंद्र अष्टवाल, और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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