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Mundan Muhurat 2026: क्या आपके बच्चे का पहला संस्कार खास बनाने को तैयार हैं? जानें मुण्डन मुहूर्त 2026 से

Mundan Muhurat 2026: क्या आपके बच्चे का पहला संस्कार खास बनाने को तैयार हैं? जानें मुण्डन मुहूर्त 2026 से

Mundan Muhurat 2026: क्या आपके घर में नन्हे मेहमान के पहले मुण्डन की तैयारी चल रही है? मुण्डन संस्कार, जिसे चूड़ाकर्म या कर्णछेदन संस्कार भी कहा जाता है, हिंदू परंपरा में एक बेहद खास और पवित्र रस्म मानी जाती है। जब बच्चे के पहले बाल उतारे जाते हैं, तो इसे न केवल शारीरिक शुद्धि का प्रतीक माना जाता है, बल्कि इससे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से भी रक्षा होती है।

लेकिन सवाल उठता है — मुण्डन के लिए सही समय क्या है?  दरअसल, हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले मुहूर्त देखना जरूरी माना जाता है। 2026 में अगर आप अपने बच्चे का मुण्डन संस्कार करवाने की योजना बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन करना बेहद अहम है। शुभ मुहूर्त न सिर्फ इस संस्कार की पवित्रता बढ़ाता है, बल्कि आपके बच्चे के भविष्य में सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य का द्वार भी खोलता है। 

तो आइए, जानें 2026 में मुण्डन संस्कार के लिए सबसे शुभ तारीखें, पूजा विधि और इससे जुड़ी मान्यताएं। क्योंकि जब बात आपके नन्हे से राजकुमार या राजकुमारी के पहले संस्कार की हो, तो हर पल खास होना चाहिए!

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: शुभ तिथियां और महत्व

जब कोई शिशु माता के गर्भ से जन्म लेता है, तो उसके सिर पर हल्के बाल होते हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया को मुंडन संस्कार कहा जाता है। यह संस्कार केवल धार्मिक परंपराओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके वैज्ञानिक लाभ भी होते हैं। हिंदू धर्म में इसे अत्यंत शुभ माना जाता है, और इसे करने के लिए विशेष मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं। आइए जानते हैं कि 2026 में मुंडन संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त (Mundan Muhurat 2026) कौन-कौन से हैं? इस लेख में हम आपको पंचांग आधारित सही समय, मुंडन संस्कार के महत्व, और इसकी वैज्ञानिक दृष्टि से लाभकारी पहलुओं की जानकारी देंगे।

मुंडन संस्कार का सही समय

मुंडन संस्कार करवाने का उचित समय बच्चे के जन्म के पहले या तीसरे वर्ष में होता है। यह तब किया जाता है जब बच्चा शारीरिक रूप से मजबूत और स्वस्थ हो जाता है। हिंदू धर्म में इस संस्कार को शुभता से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए इसे सही समय और शुभ मुहूर्त में ही करवाना जरूरी माना जाता है।

मुंडन के लिए शुभ मुहूर्त निकालने के लिए ज्योतिषीय परामर्श लेना फायदेमंद होता है। पंचांग, नक्षत्र, तिथि और कुंडली के ग्रह-गोचर के अनुसार मुंडन संस्कार का सही समय निकाला जाता है। यह संस्कार बच्चे के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ किया जाता है।

मुंडन संस्कार के लाभ

  • धार्मिक महत्व – यह संस्कार बच्चे के मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धिकरण से जुड़ा है।
  • वैज्ञानिक कारण – बाल हटाने से सिर की त्वचा मजबूत होती है और बालों का बेहतर विकास होता है।
  • नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति – शिशु के पिछले जन्म के प्रभावों को दूर करने का विश्वास जुड़ा होता है।

मुंडन संस्कार के शुभ मुहूर्त 2026 (Mundan Muhurat 2026)

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में कई शुभ मुंडन मुहूर्त उपलब्ध हैं। सही समय का चयन करने के लिए ज्योतिषीय परामर्श लेना आवश्यक होता है। नीचे हम आपको 2026 के मुंडन संस्कार के शुभ तिथियों की सूची प्रदान कर रहे हैं, जिसमें दिन, तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त शामिल होंगे।

मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026 की सूची!

शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य अधिक फलदायी होते हैं, इसलिए मुंडन संस्कार भी सही समय पर कराना अत्यंत आवश्यक है। साल 2026 में मुंडन संस्कार के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त जानने के लिए पंचांग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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जनवरी मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: January Mundan Muhurat 2026

  • 20 जनवरी 2026, दिन: मंगलवार, नक्षत्र: श्रवण, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 02:14 बजे से सुबह 07:13 बजे तक।
  • 21 जनवरी 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: धनिष्ठा,  मुंडन संस्कारमुहूर्त: सुबह 07:13 बजे से रात 02:47 बजे (22 जनवरी) तक।
  • 31 जनवरी 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: पुनर्वसु, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 03:27 बजे से सुबह 07:11 बजे तक।

फरवरी मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: February Mundan Muhurat 2026

  • 6 फरवरी 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: हस्त, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 12:22 बजे से रात 01:19 बजे (7 फरवरी) तक।
  • 11 फरवरी 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: ज्येष्ठा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 10:52 बजे से रात 11:12 बजे तक।
  • 12 फरवरी 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: ज्येष्ठा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: दोपहर 12:22 बजे से दोपहर 01:42 बजे तक।
  • 18 फरवरी 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: शतभिषा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: शाम 04:58 बजे से रात 09:16 बजे तक।
  • 26 फरवरी 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: मृगशिरा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 02:41 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक।
  • 27 फरवरी 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: पुनर्वसु, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 10:48 बजे से सुबह 11:32 बजे तक।

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मार्च मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: March Mundan Muhurat 2026

  • 5 मार्च 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: हस्त, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 08:17 बजे से सुबह 05:24 बजे (6 मार्च) तक।
  • 16 मार्च 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: धनिष्ठा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 09:41 बजे से सुबह 06:37 बजे (17 मार्च) तक।

अप्रैल मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: April Mundan Muhurat 2026

  • 21 अप्रैल 2026, दिन: मंगलवार, नक्षत्र: मृगशिरा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 04:15 बजे से सुबह 06:05 बजे तक।
  • 22 अप्रैल 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: पुनर्वसु, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 10:50 बजे से रात 08:49 बजे (23 अप्रैल) तक।
  • 29 अप्रैल 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: हस्त, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 05:59 बजे से शाम 07:52 बजे तक।

मई मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: May Mundan Muhurat 2026

  • 4 मई 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: ज्येष्ठा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 09:57 बजे से दोपहर 04:12 बजे तक।
  • 9 मई 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: श्रवण, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 01:16 बजे से सुबह 05:52 बजे तक।
  • 11 मई 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: शतभिषा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: दोपहर 03:25 बजे से रात 01:28 बजे (12 मई) तक।
  • 14 मई 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: अश्विनी, मुंडन संस्कार मुहूर्त: रात 10:33 बजे से सुबह 08:31 बजे (15 मई) तक।

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जून मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: June Mundan Muhurat 2026

  • 17 जून 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: पुनर्वसु, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 05:45 बजे से रात 09:39 बजे तक।
  • 24 जून 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: चित्रा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 05:46 बजे से सुबह 07:08 बजे (25 जून) तक।

जुलाई मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: July Mundan Muhurat 2026

  • 2 जुलाई 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: श्रवण, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 09:27 बजे से रात 10:32 बजे तक।
  • 9 जुलाई 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: अश्विनी, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 10:38 बजे से दोपहर 02:56 बजे तक।
  • 15 जुलाई 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: पुष्य, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 11:51 बजे से रात 09:46 बजे तक।
  • 20 जुलाई 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: हस्त, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 05:56 बजे से सुबह 04:03 बजे (21 जुलाई) तक।

अगस्त मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: August Mundan Muhurat 2026

  • 1 अगस्त 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: मृगशिरा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 07:28 बजे से दोपहर 12:02 बजे तक।
  • 5 अगस्त 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: पुष्य, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से शाम 06:28 बजे तक।
  • 9 अगस्त 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 06:57 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक।
  • 10 अगस्त 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: हस्त, मुंडन संस्कार मुहूर्त: शाम 04:04 बजे से शाम 06:08 बजे तक।
  • 16 अगस्त 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: मूल, मुंडन संस्कार मुहूर्त: शाम 05:45 बजे से शाम 07:27 बजे तक।
  • 17 अगस्त 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: मूल,
    • सुबह 06:25 बजे से सुबह 10:59 बजे तक।
    • दोपहर 01:18 बजे से शाम 05:41 बजे तक।
  • 20 अगस्त 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: श्रवण,
    • सुबह 10:47 बजे से दोपहर 03:25 बजे तक।
    • शाम 05:29 बजे से शाम 07:11 बजे तक।
  • 22 अगस्त 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: शतभिषा, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 08:23 बजे से दोपहर 03:17 बजे तक।
  • 26 अगस्त 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: अश्विनी, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 06:27 बजे से सुबह 10:23 बजे तक।

सितंबर मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: September Mundan Muhurat 2026

  • 5 सितंबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: मृगशिरा,
    • सुबह 07:28 बजे से सुबह 09:44 बजे तक।
    • दोपहर 02:22 बजे से शाम 06:08 बजे तक।
  • 7 सितंबर 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: पुष्य,
    • सुबह 07:20 बजे से दोपहर 11:56 बजे तक।
    • शाम 04:18 बजे से शाम 06:00 बजे तक।
  • 12 सितंबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: उत्तर फाल्गुनी, मुंडन संस्कार मुहूर्त: दोपहर 01:55 बजे से शाम 05:41 बजे तक।
  • 13 सितंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: हस्त,
    • सुबह 07:38 बजे से सुबह 09:13 बजे तक।
    • सुबह 11:32 बजे से शाम 05:37 बजे तक।
  • 17 सितंबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: मूल, मुंडन संस्कार मुहूर्त: दोपहर 03:39 बजे से शाम 06:49 बजे तक।
  • 18 सितंबर 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: मूल, मुंडन संस्कार मुहूर्त: सुबह 06:38 बजे से दोपहर 01:31 बजे तक।
  • 24 सितंबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: अश्विनी,
    • सुबह 06:41 बजे से सुबह 10:49 बजे तक।
    • दोपहर 01:07 बजे से शाम 06:21 बजे तक।

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अक्टूबर मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: October Mundan Muhurat 2026

  • 12 अक्टूबर 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: आश्विनी,
    • सुबह 07:19 बजे से सुबह 09:38 बजे तक।
    • दोपहर 11:57 बजे से शाम 05:10 बजे तक।
  • 15 अक्टूबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: रोहिणी,
    • सुबह 07:07 बजे से सुबह 11:45 बजे तक।
    • दोपहर 01:49 बजे से शाम 06:23 बजे तक।
  • 21 अक्टूबर 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: पुष्य,
    • सुबह 07:30 बजे से सुबह 09:03 बजे तक।
    • सुबह 11:21 बजे से दोपहर 04:35 बजे तक।
    • शाम 06:00 बजे से रात 07:35 बजे तक।
  • 30 अक्टूबर 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा,
    • सुबह 07:03 बजे से सुबह 08:27 बजे तक।
  • 31 अक्टूबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: श्रवण,
    • सुबह 07:41 बजे से सुबह 08:23 बजे तक।
    • सुबह 10:42 बजे से दोपहर 03:56 बजे तक।
    • शाम 05:21 बजे से शाम 06:56 बजे तक।

नवंबर मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: November Mundan Muhurat 2026

  • 1 नवंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: रेवती
    • सुबह 07:04 बजे से सुबह 10:38 बजे तक।
    • दोपहर 12:42 बजे से शाम 05:17 बजे तक।
  • 6 नवंबर 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: मृगशिरा
    • दोपहर 12:22 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक।
    • दोपहर 03:32 बजे से शाम 06:32 बजे तक।
  • 7 नवंबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: आर्द्रा
    • सुबह 07:56 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक।
  • 8 नवंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: पुनर्वसु
    • सुबह 07:09 बजे से सुबह 07:52 बजे तक।
    • सुबह 10:11 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक।
  • 11 नवंबर 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: आश्लेषा
    • सुबह 07:40 बजे से सुबह 09:59 बजे तक।
    • दोपहर 12:03 बजे से शाम 04:37 बजे तक।
  • 12 नवंबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: मघा
    • सुबह 07:36 बजे से सुबह 09:55 बजे तक।
    • सुबह 11:59 बजे से दोपहर 03:08 बजे तक।
  • 16 नवंबर 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: चित्रा
    • सुबह 07:20 बजे से दोपहर 01:25 बजे तक।
    • दोपहर 02:53 बजे से रात 07:48 बजे तक।
  • 22 नवंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
    • सुबह 07:20 बजे से सुबह 11:19 बजे तक।
    • दोपहर 01:02 बजे से शाम 05:29 बजे तक।
  • 26 नवंबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: शतभिषा
    • सुबह 09:00 बजे से दोपहर 02:13 बजे तक।
    • दोपहर 03:38 बजे से शाम 06:17 बजे तक।
  • 28 नवंबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: अश्विनी
    • सुबह 10:56 बजे से दोपहर 03:30 बजे तक।
    • शाम 05:06 बजे से रात 07:01 बजे तक।
  • 29 नवंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: भरणी
    • सुबह 07:26 बजे से सुबह 08:48 बजे तक।
    • सुबह 10:52 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक।

दिसंबर मुंडन संस्कार मुहूर्त 2026: December Mundan Muhurat 2026

  • 3 दिसंबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: पुष्य
    • सुबह 10:36 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक।
  • 4 दिसंबर 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: आश्लेषा
    • सुबह 07:30 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक।
    • दोपहर 01:42 बजे से शाम 06:38 बजे तक।
  • 6 दिसंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: मघा
    • सुबह 08:20 बजे से दोपहर 01:34 बजे तक।
  • 7 दिसंबर 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: पूर्वा फाल्गुनी
    • शाम 04:30 बजे से शाम 06:26 बजे तक।
  • 14 दिसंबर 2026, दिन: सोमवार, नक्षत्र: विशाखा
    • सुबह 07:37 बजे से सुबह 11:35 बजे तक।
    • दोपहर 01:03 बजे से शाम 05:58 बजे तक।
  • 16 दिसंबर 2026, दिन: बुधवार, नक्षत्र: अनुराधा
    • सुबह 07:41 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक।
    • दोपहर 02:20 बजे से दोपहर 03:55 बजे तक।
  • 19 दिसंबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
    • सुबह 09:33 बजे से दोपहर 02:08 बजे तक।
    • दोपहर 03:43 बजे से रात 07:53 बजे तक।
  • 20 दिसंबर 2026, दिन: रविवार, नक्षत्र: श्रवण
    • सुबह 07:40 बजे से सुबह 09:29 बजे तक।
  • 25 दिसंबर 2026, दिन: शुक्रवार, नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद
    • सुबह 07:43 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक।
    • दोपहर 01:44 बजे से शाम 07:30 बजे तक।
  • 26 दिसंबर 2026, दिन: शनिवार, नक्षत्र: रेवती
    • सुबह 09:06 बजे से सुबह 10:48 बजे तक।
  • 31 दिसंबर 2026, दिन: गुरुवार, नक्षत्र: रोहिणी
    • सुबह 07:45 बजे से सुबह 10:28 बजे तक।
    • सुबह 11:56 बजे से शाम 04:52 बजे तक।

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मुंडन संस्कार का महत्व

मुंडन संस्कार हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है, जिसे आमतौर पर बच्चे के पहले या तीसरे वर्ष में संपन्न किया जाता है। यह न केवल धार्मिक परंपरा से जुड़ा है, बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति के दृष्टिकोण से भी लाभकारी माना जाता है।

मुंडन संस्कार के प्रमुख कारण

  1. स्वास्थ्य लाभ: सिर के बालों में जमा गंदगी और बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं, जिससे बच्चे की त्वचा स्वस्थ रहती है और संक्रमण की संभावना कम होती है।
  2. आध्यात्मिक शुद्धता: यह संस्कार आत्मा की शुद्धि का प्रतीक है, जिससे बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  3. संस्कार और परंपरा: यह परिवार की धार्मिक परंपराओं से जुड़ा होता है, जो बच्चे को संस्कृति और आध्यात्मिकता से जोड़ता है।
  4. कुंडली दोष निवारण: कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सही समय पर मुंडन करने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

मुंडन संस्कार के लाभ

  1. बालों की गुणवत्ता में सुधार: नए बाल पहले की तुलना में अधिक घने, मजबूत और चमकदार होते हैं।
  2. मानसिक और शारीरिक ताजगी: मुंडन के बाद बच्चे को अधिक हल्कापन और आराम महसूस होता है।
  3. धार्मिक दृष्टिकोण: इसे शुभ कर्मों में गिना जाता है, जिससे बच्चे का जीवन सुख-समृद्धि से भरा रहता है।
  4. पारिवारिक सौहार्द: यह अवसर परिवार के लिए एकजुटता और खुशी लेकर आता है।

मुंडन मुहूर्त 2026 के लिए महत्वपूर्ण नियम

  1. शुभ दिन: सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को मुंडन शुभ माना जाता है। शनिवार और मंगलवार को इससे बचना चाहिए।
  2. शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य और हस्त नक्षत्र में मुंडन करना शुभ होता है।
  3. चंद्रमा की स्थिति: बढ़ते चंद्रमा (शुक्ल पक्ष) में मुंडन अधिक लाभकारी माना जाता है।
  4. बच्चे का स्वास्थ्य: यदि बच्चा बीमार है, तो मुंडन संस्कार को टाल देना चाहिए।

मुंडन संस्कार की विधि

  1. पूजा स्थल का चयन: यह घर, मंदिर या तीर्थ स्थल पर किया जा सकता है।
  2. शुद्धि और स्नान: बच्चे को स्नान कराकर पवित्र किया जाता है।
  3. मंत्रोच्चारण: बाल काटते समय धार्मिक मंत्रों का जाप किया जाता है, जैसे – ॐ नमः शिवाय
  4. बालों का विसर्जन: कटे हुए बालों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित किया जाता है।
  5. आशीर्वाद: मुंडन के बाद परिवार के बड़े-बुजुर्ग बच्चे को आशीर्वाद देते हैं।

मुंडन संस्कार कहां करें?

  1. घर पर: यदि परिवार की धार्मिक परंपरा हो, तो घर में पंडित बुलाकर संस्कार कराया जा सकता है।
  2. मंदिर में: धार्मिक वातावरण में संस्कार करना अधिक पवित्र माना जाता है।
  3. तीर्थ स्थलों पर: हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज आदि पवित्र नदियों के किनारे मुंडन संस्कार करवाना शुभ होता है।
  4. सैलून या पार्लर में: कुछ लोग सुविधा अनुसार विशेषज्ञों से मुंडन करवाते हैं, हालांकि इसे धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार करना जरूरी होता है।

मुंडन संस्कार सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि यह बच्चे के जीवन में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। सही मुहूर्त और विधि से किए गए मुंडन से स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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