उद्घाटन समारोह और परियोजना का अवलोकन (Uttarakhand News Today Update)
आरवीएनएल (रेल विकास निगम लिमिटेड) के परियोजना निदेशक पीयूष पंत की अगुवाई में आमंत्रित अतिथियों और मीडिया कर्मियों को सुरंग के अंदर ले जाकर उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान सुरंग निर्माण की प्रक्रिया और उसकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुरंग निर्माण का इतिहास और प्रगति
- टनल संख्या 11, जिसकी लंबाई 9.05 किमी है, का निर्माण कार्य 2021 में शुरू हुआ था।
- सुरंग के साथ एक एस्केप टनल का भी निर्माण किया गया, जो आपातकालीन स्थिति में उपयोगी होगा।
- मुख्य सुरंग का 5.29 किमी फाइनल कंक्रीट लाइनिंग कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 40% कार्य शेष है।
श्रीनगर शहर के नीचे सुरंग निर्माण की चुनौती
श्रीनगर शहर के बीचों-बीच सुरंग निर्माण के लिए एनएटीएम मैथर्ड (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) का इस्तेमाल किया गया।
- आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विस्फोटकों का उपयोग नहीं किया गया।
- निर्माण कार्य में 1,100 से अधिक मजदूर, तकनीशियन और कर्मचारी शामिल रहे।
- 1,600 करोड़ रुपये की लागत से इस सुरंग का निर्माण पूरा किया गया।
सुरंग में आपातकालीन क्रॉस पैसेज
भविष्य में किसी बाधा की स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सुरंग के अंदर 31 क्रॉस पैसेज बनाए गए हैं। प्रत्येक 375 मीटर की दूरी पर स्थित ये पैसेज मुख्य टनल से एस्केप टनल तक पहुंचने का रास्ता प्रदान करते हैं।
उत्तराखंड की रेल परियोजना में मील का पत्थर (Uttarakhand News Today Update)
यह सुरंग धारी देवी रेलवे स्टेशन यार्ड तक पहुंचने के लिए मुख्य मार्ग बनेगी। परियोजना निदेशक पीयूष पंत ने बताया कि फाइनल लाइनिंग का कार्य पूरा होते ही रेल पटरियों का बिछाने का काम शुरू होगा।
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