रुद्रप्रयाग। शहर की नौकरी छोड़कर गांव लौटने का फैसला करने वाले लदोली निवासी दिनेश सिंह चौधरी आज ट्राउट मत्स्य पालन के जरिए हर साल करीब 4 से 5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता अब जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।
वर्ष 2021 में दिनेश सिंह चौधरी ने गांव लौटकर ट्राउट मत्स्य पालन की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने अपनी पूंजी निवेश की। इसके साथ ही मत्स्य विभाग से भी उन्हें सरकारी योजना के तहत आर्थिक सहायता मिली। वर्तमान में वह ट्राउट उत्पादन के साथ-साथ अपनी हैचरी में ब्रीडिंग का कार्य भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में लगातार वृद्धि हो रही है।
जिला प्रभारी मत्स्य अधिकारी मंजू भाकुनी ने बताया कि दिनेश सिंह चौधरी को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभागीय सहायता प्रदान की गई थी। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने ट्राउट मत्स्य पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाया और आज इससे अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग युवाओं और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध करा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग मत्स्य पालन के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़ सकें।
दिनेश सिंह चौधरी का कहना है कि गांव में भी मेहनत, आधुनिक तकनीक और सही योजना के साथ बेहतर रोजगार के अवसर मौजूद हैं। उनका मानना है कि यदि युवा सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाएं तो वे गांव में रहकर भी सफल स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं।
पहाड़ों में बढ़ते स्वरोजगार के बीच दिनेश सिंह चौधरी की यह पहल उन युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है, जो गांव में रहकर रोजगार के नए अवसर तलाशना चाहते हैं।
