How to reach Kedarnath from major Indian cities: उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और चार धाम यात्रा का भी हिस्सा है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन अधिकतर लोगों को यह नहीं पता होता कि अपने शहर से केदारनाथ कैसे पहुंचा जाए।
इस गाइड में हम विस्तार से जानेंगे कि How to reach Kedarnath – दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ और भारत के अन्य प्रमुख शहरों से आप केदारनाथ कैसे पहुंच सकते हैं।
केदारनाथ पहुंचने का बेसिक रूट
सबसे पहले यह जान लें कि केदारनाथ तक कोई सीधी ट्रेन या सड़क मार्ग नहीं है। आपको हर हालत में गौरीकुंड तक सड़क से जाना होगा, और वहाँ से 16-18 किलोमीटर की ट्रेकिंग करनी होती है।
मुख्य रूट:
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रेल या हवाई मार्ग से निकटतम शहर – हरिद्वार/ऋषिकेश/देहरादून पहुंचे।
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हरिद्वार/ऋषिकेश से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग से टैक्सी या बस लें।
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गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पैदल ट्रेक करें।
अब जानते हैं अलग-अलग शहरों से इस रूट तक कैसे पहुंचें।
दिल्ली से केदारनाथ कैसे पहुंचे
दिल्ली से केदारनाथ पहुंचना काफी आसान है क्योंकि दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए सीधी ट्रेन और बसें चलती हैं।
ट्रेन:
दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश के लिए कई ट्रेनें चलती हैं जैसे शताब्दी एक्सप्रेस, जन शताब्दी, मसूरी एक्सप्रेस। हरिद्वार पहुंचकर टैक्सी या बस लें।
बस:
ISBT कश्मीरी गेट से सीधी Volvo और सरकारी बसें ऋषिकेश और हरिद्वार जाती हैं।
फ्लाइट:
दिल्ली से देहरादून जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के लिए फ्लाइट लें। एयरपोर्ट से टैक्सी से ऋषिकेश या सोनप्रयाग जाएं।
आगे का सफर:
ऋषिकेश से सोनप्रयाग (गौरीकुंड) तक टैक्सी या शेयर जीप मिल जाती है। सोनप्रयाग से गौरीकुंड सिर्फ 5 किमी है, उसके बाद ट्रेक।
मुंबई से केदारनाथ कैसे पहुंचे
मुंबई से केदारनाथ पहुंचने के लिए आप ट्रेन, फ्लाइट और बस का मिलाजुला इस्तेमाल कर सकते हैं।
फ्लाइट:
मुंबई से देहरादून के लिए सीधी फ्लाइट लें (3-4 घंटे)। एयरपोर्ट से ऋषिकेश या सीधे सोनप्रयाग के लिए टैक्सी कर सकते हैं।
ट्रेन:
मुंबई से हरिद्वार के लिए ट्रेन लें – उदाहरण: देहरादून एक्सप्रेस, नंदा देवी एक्सप्रेस। हरिद्वार से बस या टैक्सी।
बस:
मुंबई से उत्तराखंड के लिए सीधी बस सुविधा नहीं है, ट्रेन या फ्लाइट ही सबसे अच्छा विकल्प है।
कोलकाता से केदारनाथ कैसे पहुंचे
कोलकाता से केदारनाथ के लिए सबसे अच्छा और तेज तरीका फ्लाइट है।
फ्लाइट:
कोलकाता से देहरादून के लिए सीधी फ्लाइट उपलब्ध है। वहां से टैक्सी या बस लेकर ऋषिकेश और फिर सोनप्रयाग।
ट्रेन:
कोलकाता से हरिद्वार के लिए हावड़ा-हरिद्वार सुपरफास्ट ट्रेन है। ट्रेन का सफर लंबा (30 घंटे तक) हो सकता है।
चेन्नई से केदारनाथ कैसे पहुंचे
चेन्नई से केदारनाथ तक सीधा रेल या बस रूट नहीं है, फ्लाइट सबसे सही तरीका है।
फ्लाइट:
चेन्नई से देहरादून या दिल्ली के लिए फ्लाइट लें। देहरादून से ऋषिकेश-सोनप्रयाग।
ट्रेन:
चेन्नई से दिल्ली तक ट्रेन लें, फिर दिल्ली से हरिद्वार/ऋषिकेश तक दूसरी ट्रेन।
बेंगलुरु से केदारनाथ कैसे पहुंचे
बेंगलुरु से उत्तराखंड दूर है, इसलिए फ्लाइट से जाना बेहतर होगा।
फ्लाइट:
बेंगलुरु से देहरादून के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लें। एयरपोर्ट से ऋषिकेश और फिर सोनप्रयाग।
ट्रेन:
बेंगलुरु से दिल्ली तक ट्रेन लें – कर्नाटका एक्सप्रेस या संगमित्रा एक्सप्रेस। फिर दिल्ली से हरिद्वार।
हैदराबाद से केदारनाथ कैसे पहुंचे
फ्लाइट:
हैदराबाद से देहरादून या दिल्ली के लिए सीधी फ्लाइट लें। देहरादून एयरपोर्ट से ऋषिकेश और फिर सोनप्रयाग।
ट्रेन:
हैदराबाद से दिल्ली तक ट्रेन लें। फिर दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार।
जयपुर से केदारनाथ कैसे पहुंचे
फ्लाइट:
जयपुर से दिल्ली या देहरादून के लिए फ्लाइट लें। फिर ऋषिकेश से सोनप्रयाग।
ट्रेन:
जयपुर से दिल्ली के लिए ट्रेन लें। दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार की ट्रेन।
लखनऊ से केदारनाथ कैसे पहुंचे
लखनऊ से हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए सीधी ट्रेन और बसें आसानी से उपलब्ध हैं।
ट्रेन:
लखनऊ से देहरादून एक्सप्रेस या नंदा देवी एक्सप्रेस लें। फिर ऋषिकेश से सोनप्रयाग।
बस:
UP रोडवेज की बसें भी चलती हैं।
गौरीकुंड से केदारनाथ तक कैसे जाएं
गौरीकुंड तक पहुंचने के बाद अंतिम 16-18 किमी का रास्ता ट्रेक करना होता है। आप पैदल, घोड़े-खच्चर या पालकी ले सकते हैं।
ऑप्शन:
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पैदल ट्रेक
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घोड़ा/खच्चर
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डोली/पालकी
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हेलीकॉप्टर (फाटा, सीतापुर या गुप्तकाशी से)
हेलीकॉप्टर सेवा
जो लोग लंबा ट्रेक नहीं कर सकते, उनके लिए हेलीकॉप्टर सुविधा भी उपलब्ध है। फाटा, गुप्तकाशी और सीतापुर से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर उड़ानें चलती हैं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग पहले से कर लें।
यात्रा के लिए जरूरी सुझाव
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ट्रेक के लिए पहले से फिटनेस बनाए रखें।
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मौसम की जानकारी लें।
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एडवांस होटल और हेलीकॉप्टर बुकिंग करें।
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गर्म कपड़े, दवाइयां और रेनकोट साथ रखें।
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मोबाइल नेटवर्क सीमित है, परिवार को पहले से सूचना दें।
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प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
यात्रा का सही समय
अप्रैल के अंत से अक्टूबर तक केदारनाथ यात्रा सीजन रहता है। मई-जून और सितंबर-अक्टूबर सबसे सही समय होते हैं। मानसून में यात्रा से बचें।
How to reach Kedarnath
भारत के किसी भी बड़े शहर से केदारनाथ पहुंचने के लिए सबसे पहले देहरादून, हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना जरूरी है। इसके बाद सोनप्रयाग और गौरीकुंड से ट्रेक या हेलीकॉप्टर के जरिए केदारनाथ तक पहुंचा जा सकता है।
उम्मीद है कि यह विस्तृत गाइड How to reach Kedarnath के सवाल का पूरा जवाब देगा और आपकी यात्रा को आसान बनाएगा।
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