रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग का स्थापना दिवस मुख्यालय में बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर स्थानीय लोगों ने एक साथ केक काटकर एक-दूसरे को बधाई दी और जनपद की प्रगति की कामना की।
कार्यक्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष देवेन्द्र झिंकवाण ने जनपद निर्माण से जुड़े तत्कालीन संघर्षों को याद करते हुए विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के योगदान को भी विशेष रूप से स्मरण किया और कहा कि रुद्रप्रयाग जनपद का अस्तित्व जनआंदोलन और संघर्षों का परिणाम है।
स्थापना दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी जनपदवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग भले ही भौगोलिक दृष्टि से छोटा जिला है, लेकिन यहाँ विकास की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं, जिन पर सरकार और प्रशासन को गंभीरतापूर्वक काम करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 17 सितम्बर 1997 को रुद्रप्रयाग जनपद का गठन तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया था। इससे पूर्व यह क्षेत्र चमोली, पौड़ी और टिहरी जनपदों के अधीन आता था। लंबे संघर्षों और आंदोलनों के बाद यह जनपद अस्तित्व में आया।
स्थापना दिवस कार्यक्रम में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष लक्ष्मण रावत, निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य नरेन्द्र बिष्ट, पूर्व जिलाध्यक्ष कांग्रेस ईश्वर सिंह बिष्ट, माधो सिंह नेगी, महावीर सिंह पंवार, मनोहर रावत, सूरवीर जगवाण, जिला पंचायत सदस्य पवन कुमार, अरुण गैरोला, बंटी जगवाण, दीनेश बिष्ट सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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