राहु मन्त्र (Rahu Mantra)

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Rahu Mantra: राहु मंत्र अचानक होने वाले परिवर्तनों, भय और भ्रम से मुक्ति का प्रभावशाली साधन माना जाता है। राहु ग्रह को रहस्य, राजनीति, तकनीक और अप्रत्याशित घटनाओं का कारक कहा गया है। इसके मंत्र का जाप करने से नकारात्मक सोच, अस्थिरता और मानसिक भय में कमी आती है। राहु मंत्र विशेष रूप से तब उपयोगी माना जाता है, जब जीवन में बिना कारण रुकावटें, धोखे या गलत फैसलों की स्थिति बन रही हो। यह मंत्र साधक को आंतरिक मजबूती और स्पष्ट दृष्टि प्रदान करता है। श्रद्धा और अनुशासन के साथ किया गया राहु मंत्र का जाप व्यक्ति को भ्रम से बाहर निकालकर सही दिशा में आगे बढ़ने की शक्ति देता है और जीवन में संतुलन स्थापित करता है।

राहु के मन्त्र (Rahu Mantra Mantra)

1. राहु मूल मन्त्र

ॐ रां राहवे नमः।

2. राहु बीज मन्त्र

ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः।

3. राहु गायत्री मन्त्र

ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि
तन्नः राहुः प्रचोदयात्॥

4. राहु प्रणाम मन्त्र

ॐ अर्धकायं महावीर्य चन्द्रादित्यविमर्दनम्।
सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्‌॥

5. राहु ध्यान मन्त्र

वन्दे राहुं धूम्र वर्ण अर्धकायं कृतांजलिं।
विकृतास्यं रक्त नेत्रं धूम्रालंकार मन्वहम्॥

6. राहु एकाक्षरी मन्त्र

क्लीं॥

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