रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के लिए प्रस्तावित रोपवे परियोजना (Kedarnath Ropeway) को लेकर स्थानीय लोगों के रोजगार से जुड़ी चिंताओं के बीच उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने 19 जुलाई को गुप्तकाशी में महापंचायत बुलाने की घोषणा की है। महापंचायत में रोपवे परियोजना से प्रभावित होने वाले विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने कहा कि रोपवे परियोजना का निर्माण शुरू होने से पहले सरकार को यात्रा मार्ग से जुड़े स्थानीय लोगों के रोजगार की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका कहना है कि यात्रा मार्ग पर वर्षों से आजीविका चला रहे ढाबा, रेस्टोरेंट, होटल, टेंट, घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी, पालकी संचालक, स्थानीय व्यापारी और मजदूरों के भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जानी चाहिए।
रोजगार पर असर की जताई चिंता
त्रिभुवन चौहान ने कहा कि यदि भविष्य में प्रतिदिन 10 से 15 हजार श्रद्धालु रोपवे के माध्यम से सीधे केदारनाथ धाम पहुंचते हैं, तो गौरीकुंड से केदारनाथ तक पारंपरिक यात्रा मार्ग पर निर्भर हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को परियोजना के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और रोजगार के विकल्पों पर भी ठोस योजना बनानी चाहिए।
गांव-गांव पहुंचकर किया जनसंपर्क
महापंचायत की तैयारियों के तहत मोर्चा के पदाधिकारियों ने फाटा, धानी, नारायणकोटी और बड़ासू समेत विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय लोगों से संवाद किया। इस दौरान 19 जुलाई को गुप्तकाशी में आयोजित होने वाली महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई।
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