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सत्ता की हनक, पैसे कि भूख और जमीन का सौदा, जानिए जितेंद्र सिंह की आत्महत्या का राज

सत्ता की हनक, पैसे कि भूख और जमीन का सौदा, जानिए जितेंद्र सिंह की आत्महत्या का राज

पौड़ी: तलसारी गांव निवासी 32 वर्षीय जितेंद्र सिंह की आत्महत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। आर्थिक संकट और मानसिक तनाव से जूझ रहे जितेंद्र ने 20 अगस्त की रात अपने दो दोस्तों के साथ शिकार पर जाने के बाद कार में ही खुद को गोली मार ली। घटना से ठीक पहले उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था, जिसमें बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली पर ₹35 लाख हड़पने और मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना ने राजनीति में भूचाल ला दिया और 24 घंटे के भीतर कई बड़े घटनाक्रम सामने आए।

सूत्रों की मानें तो जितेंद्र सिंह 20 अगस्त की रात अपने दोस्तों भगवान सिंह और सौरभ खंडूरी के साथ शिकार पर जंगल गया था। तीनों के पास सिंगल बोर बंदूक थी। शिकार के बाद जब वे कार से लौट रहे थे, तभी जितेंद्र मानसिक तनाव में दिखाई दिया। उसने अचानक अपने मोबाइल से दोस्तों को पासवर्ड भेजा और कहा—“मुझे माफ कर देना, मैं जा रहा हूं।” इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर एक आत्महत्या वीडियो अपलोड किया, जिसमें हिमांशु चमोली पर पैसे हड़पने का आरोप लगाया। कुछ ही देर में उसने कार के अंदर खुद को गोली मार ली।

21 अगस्त की सुबह पौड़ी पुलिस को घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने बंदूक, कारतूस और छर्रे कब्जे में लिए। जांच में मृतक के हाथों पर गन पाउडर के निशान मिले, जिससे यह साफ हो गया कि गोली खुद उसी ने चलाई थी।

प्राथमिक जांच में 35 लाख के घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रॉपर्टी डीलिंग के नाम पर हिमांशु चमोली से जुड़ी एक डील में जितेंद्र ने करीब ₹35 लाख गंवा दिए थे। न तो उसे जमीन मिली और न ही पैसा वापस आया। यही नहीं, वीडियो में जितेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि हिमांशु ने फोन और ऑफिस खोलने के लिए उससे रकम ली और हमलावरों से मिलीभगत तक की।

जितेंद्र का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हिमांशु चमोली को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की गई। जब पुलिस ने उसे चौकी खाडूसेण से बाहर निकाला तो वह लड़खड़ाता हुआ नजर आया।

राजनीतिक दबाव बढ़ते ही बीजेपी ने त्वरित कदम उठाते हुए हिमांशु चमोली को युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री पद से हटा दिया। प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया।

इस घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सीधा हमला बोला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जितेंद्र सिंह की मौत सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि सत्ता की दबंगई और तानाशाही का जीवित प्रमाण है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार और पुलिस में इतनी हिम्मत है कि वे मृतक परिवार को न्याय दिला सकें, या यह मामला भी दबा दिया जाएगा।

घटना के दूसरे दिन 22 अगस्त को कीर्ति नगर पुल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और मृतक का परिवार इकट्ठा हुआ। सभी ने न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को फांसी देने तक की मांग उठाई। प्रशासन के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार किया गया।

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