बावई में लगा जनता दरबार: शिक्षा, स्वास्थ्य, बंदरों के आतंक व पेयजल संकट तक, ग्रामीणों ने खोला समस्याओं का पिटारा

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विकासखण्ड अगस्त्यमुनि की ग्राम पंचायत बावई, राजस्व उप-निरीक्षक क्षेत्र मयकोटी स्थित खलियाणी पंचायत चौक में मंगलवार को “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम एवं तहसील दिवस के तहत बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने कुल 70 समस्याएं रखीं, जिनमें से 35 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष समस्याओं पर शीघ्र कार्यवाही के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

ग्रामीणों ने साझा की अपनी प्रमुख समस्याएं

ग्राम प्रधान शालिनी देवी (बावई) ने कहा –
“बहुत अच्छा लग रहा है कि हमारी समस्याओं का समाधान होगा। हमारे गाँव में बंदरों और सूअरों का आतंक है, जिससे महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। इसके अलावा सिद्धपीठ राजकीय इंटर कॉलेज तक सड़क की समस्या भी गंभीर है।”

संपन्न नेगी (जिला पंचायत सदस्य) ने कहा –
“रुद्रप्रयाग जनपद का सबसे बड़ा गाँव बावई है। आज यहां जनता दरबार लगा है, जिससे हमें निश्चित रूप से उम्मीद है कि समस्याओं का समाधान होगा। हमारा प्रयास रहेगा कि भविष्य में चोपता, स्वारी गव्यांस और चोपता वार्ड के दूरस्थ गाँवों में भी इस प्रकार के शिविर आयोजित हों।”

भूपेन्द्र भंडारी (सामाजिक कार्यकर्ता, बावई) ने कहा –
“जिलाधिकारी के प्रयासों से यह जनता दरबार बावई में आयोजित हुआ है, जबकि पहले यह केवल विकास भवन में लगता था। वहाँ हमारी समस्याएं नहीं पहुंच पाती थीं। आज इस शिविर से कई समस्याओं का समाधान हुआ है। हमारे गाँव की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है, साथ ही जंगली जानवरों से फसलें भी नष्ट हो रही हैं। इंटर कॉलेज में कला विषय के शिक्षक न होना भी एक गंभीर मुद्दा है।”

अमित प्रजापति (पूर्व प्रधान, मयकोटी) ने कहा –
“‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम के तहत हमने अपनी प्रमुख मांग रखी। तल्ला नागपुर क्षेत्र के चोपता में पार्किंग की समस्या है। इसके समाधान हेतु पिछले वर्ष तल्ला नागपुर संघर्ष समिति ने जिलाधिकारी को एक प्रस्ताव दिया था, जिसमें 4 करोड़ 14 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी। लेकिन अभी तक धनराशि जारी नहीं हुई है। आज हमने पुनः इस मुद्दे को अधिकारियों के सामने रखा है।”

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सीडीओ ने दिलाया भरोसा

मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि मा० मुख्यमंत्री की परिकल्पना और जिलाधिकारी प्रतीक जैन के निर्देशानुसार इन शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर जनता की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित निस्तारण करना है। उन्होंने ग्रामीणों को विवाह पंजीकरण (UCC) और राशन कार्ड सत्यापन की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी और अपील की कि अपात्र लोग स्वयं अपने राशन कार्ड समर्पित करें।

विभागीय स्टॉलों से मिली जानकारी

शिविर में उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, कृषि, उद्योग, समाज कल्याण, पंचायती राज, स्वास्थ्य विभाग (आयुष्मान शिविर), राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और आजीविका मिशन समेत कई विभागों ने स्टॉल लगाए। इनके माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी दी गई।

शिविर में रही उल्लेखनीय मौजूदगी

शिविर में प्रमुख रूप से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य संपन्न नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सम्राट राणा, ग्राम प्रधान शालिनी देवी, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग याक्षी अरोड़ा, खण्ड विकास अधिकारी प्रवीण भट्ट, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेन्द्र बिष्ट, जिला युवा कल्याण अधिकारी वरद जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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