उत्तरकाशी: बड़कोट में भीषण अग्निकांड, 7 मकान और 5 दुकानें जलकर राख

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उत्तरकाशी: जनपद के बड़कोट नगर पालिका क्षेत्र में लक्ष्मी नारायण मंदिर के पास बुधवार देर रात एक भीषण अग्निकांड हुआ। इस हादसे में 7 मकान और 5 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। हालांकि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ।

घटना का विवरण

  • स्थान: लक्ष्मी नारायण मंदिर, बड़कोट
  • प्रभावित:
    • 7 मकान
    • 5 दुकानें (ड्राईक्लीन, फास्ट फूड, सब्जी की दुकानें)
  • मुख्य कारण: 4 गैस सिलेंडरों का फटना
  • समय: बुधवार देर रात

अग्निकांड के दौरान अफरा-तफरी

  • फायर सर्विस की देरी:
    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने की सूचना देने के करीब डेढ़ घंटे बाद फायर सर्विस मौके पर पहुंची।
    बड़कोट में फायर सर्विस का वाहन खराब होने के कारण नौगांव और पुरोला से फायर सर्विस बुलाई गई।
  • स्थानीय लोगों का प्रयास:
    आग पर काबू पाने के लिए स्थानीय निवासियों ने घरों से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश की।
  • अधिकारियों की लापरवाही:
    आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को बार-बार फोन करने के बावजूद किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।

बचाव और राहत कार्य

  • मौके पर मौजूद टीम:
    पुलिस, होमगार्ड और आईआरबी के जवान तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे।
  • पांच लोगों को बचाया गया:
    मकान में फंसे पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  • फिलहाल स्थिति:
    प्रभावित परिवारों ने अस्थायी शरण ली है।

आग से प्रभावित लोग

इस हादसे में प्रभावित मकानों और दुकानों के मालिकों में राकेश भंडारी, चंद्रपाल, कल्याण सिंह, मंगल सिंह और शैलेन्द्र सिंह शामिल हैं।

  • राकेश भंडारी का परिवार: घटना के समय उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
  • दुकानों का नुकसान:
    • ड्राईक्लीन
    • फास्ट फूड
    • सब्जी की दुकानें

स्थानीय लोगों का आक्रोश

  • फायर सर्विस की लेटलतीफी पर गुस्सा:
    स्थानीय लोगों ने फायर सर्विस और प्रशासन की धीमी प्रतिक्रिया पर नाराजगी जताई।
  • आग बुझाने में आई दिक्कतें:
    समय पर फायर सर्विस नहीं पहुंचने के कारण आग पर काबू पाने में काफी कठिनाई हुई।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

  • पुलिस द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
  • पीड़ित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यह घटना प्रशासनिक तैयारियों की कमी और फायर सर्विस की खराब स्थिति को उजागर करती है।
स्थानीय प्रशासन को फायर सर्विस वाहनों की नियमित जांच और समय पर आपदा प्रबंधन की योजना बनाने की जरूरत है।
आगजनी से पीड़ित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।

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