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UTTARAKHAND PANCHAYAT ELECTIONS 2025: आज का दिन चुनावी भविष्य के लिए निर्णायक, हाईकोर्ट में दोपहर 2 बजे होगी अहम सुनवाई

UTTARAKHAND PANCHAYAT ELECTIONS 2025: आज का दिन चुनावी भविष्य के लिए निर्णायक, हाईकोर्ट में दोपहर 2 बजे होगी अहम सुनवाई

UTTARAKHAND PANCHAYAT ELECTIONS 2025, नैनीताल: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 25 जून को दोपहर 2 बजे नैनीताल हाईकोर्ट में इस पूरे विवाद पर खंडपीठ सुनवाई करेगी, जिसमें यह तय होगा कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या फिलहाल ठप ही रहेगी।

क्या है विवाद?

  • 9 जून को राज्य सरकार ने नई आरक्षण नियमावली बनाई।

  • 14 जून को इसका गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित किया गया।

  • लेकिन 23 जून को कोर्ट के समक्ष सुनवाई के दौरान सरकार यह नोटिफिकेशन प्रस्तुत नहीं कर पाई।

  • इसी आधार पर कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर स्टे (रोक) लगा दी।

सरकार का पक्ष: “कम्यूनिकेशन गैप” की बात

24 जून को सरकार ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि स्टे को हटाने हेतु मामले की आज ही सुनवाई की जाए।
सरकार ने कहा कि गजट नोटिफिकेशन 14 जून को ही जारी हो गया था लेकिन “कम्यूनिकेशन गैप” के चलते कोर्ट में समय पर प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

कोर्ट की टिप्पणी:

“हम एक साल से चुनाव कराने के लिए कह रहे हैं, अब अचानक इतनी जल्दी क्यों?”

कोर्ट ने क्या कहा?

  • सरकार द्वारा गजट नोटिफिकेशन पेश किए जाने के बाद, मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने सभी संबंधित याचिकाओं को जोड़कर सुनवाई के लिए 25 जून दोपहर 2 बजे का समय तय किया।

  • तब तक चुनाव प्रक्रिया पर स्टे जारी रहेगा।

याचिकाओं का मुद्दा क्या है?

  • गणेश कांडपाल (बागेश्वर निवासी) और अन्य ने 9 और 11 जून को जारी आरक्षण नियमावली को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

  • आरोप है कि सरकार ने पुराने आरक्षण रोस्टर को शून्य घोषित कर दिया और नए रोस्टर को तुरंत लागू कर दिया।

  • याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कदम कोर्ट के पूर्व आदेशों और पंचायती राज अधिनियम 2016 की धारा 126 के खिलाफ है।

कितनी याचिकाएं हैं?

  • करीब 15 से अधिक याचिकाएं पहले से ही एकलपीठ में लंबित थीं।

  • अब इन सभी को खंडपीठ में ट्रांसफर कर एक साथ क्लब कर दिया गया है।

  • दीपिका किरौला और अन्य की याचिकाएं भी अब इसी सुनवाई का हिस्सा होंगी।

बड़ा सवाल: जानकारी क्यों नहीं पहुंची?

अब यह सवाल भी उठ रहे हैं कि अगर 14 जून को गजट नोटिफिकेशन हो चुका था, तो सचिवालय और अन्य संस्थाओं को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?
इससे चुनावी पारदर्शिता और सूचना तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं।

आज का दिन उत्तराखंड पंचायत चुनावों के भविष्य के लिए बेहद अहम है।
अगर कोर्ट स्टे हटाता है, तो चुनाव प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है।
अगर कोर्ट ने स्टे जारी रखा, तो चुनाव और देरी की ओर बढ़ेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार की निगाहें अब कोर्ट की 25 जून, दोपहर 2 बजे की सुनवाई पर टिकी हैं।

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