उत्तराखंड के मंदिर तो धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गए मगर इन्हें भूल गए! क्या यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं?
यह लेख अत्यंत दुःख और मार्मिकता के साथ लिख रहा हूँ। मगर पत्रकारिता का दायित्व केवल ताज़ा खबरें देना नहीं होता, बल्कि समाज और संस्कृति के बदलते रुख को भी उजागर करना होता है। यही सोच हमें आज इस विषय पर लिखने को बाध्य कर रही है — “क्या हमारी सांस्कृतिक पहचान धीरे-धीरे खो रही … Read more