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भूस्खलन से बार-बार बाधित हो रही केदारनाथ यात्रा, मंदाकिनी पर नए पुलों से तलाशा जा रहा स्थायी समाधान

भूस्खलन से बार-बार बाधित हो रही केदारनाथ यात्रा, मंदाकिनी पर नए पुलों से तलाशा जा रहा स्थायी समाधान

रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड | 2 अगस्त 2025: इस वर्ष चारधाम यात्रा रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है, लेकिन यात्रा के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है – भू-स्खलन और नए स्लाइड जोन का बनना। इसका सबसे अधिक प्रभाव केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पड़ा है, जहां लगातार हो रहे भूस्खलनों ने प्रशासन को कई बार यात्रा अस्थायी रूप से रोकने पर मजबूर कर दिया।

विशेष रूप से मुनकटिया क्षेत्र में एक नया भूस्खलन ज़ोन इस यात्रा सीजन के दौरान सामने आया है, जिसने न केवल मुख्य मार्ग को बाधित किया बल्कि वैकल्पिक मार्ग और पैदल रास्ते को भी प्रभावित किया है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने जानकारी दी है कि मुनकटिया भू-स्खलन क्षेत्र के लिए 30 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) के माध्यम से नेशनल हाईवे विभाग को सौंपा गया है। एक ठेकेदार को कार्य आवंटित कर दिया गया है और प्रयास है कि अगले यात्रा सीजन से पहले स्थायी ईरोज़न ट्रीटमेंट का कार्य पूरा कर लिया जाए।

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साथ ही प्रशासन अन्य संभावित नए स्लाइड ज़ोन की डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार कर रहा है, ताकि उनके समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जा सके। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन मंदाकिनी नदी के पार नए पुलों के निर्माण पर विचार कर रहा है, जिससे गोरिकुंड तक एक बाईपास मार्ग विकसित किया जा सके — जो कि एक दीर्घकालिक वैकल्पिक समाधान के रूप में काम करेगा। यह प्रस्ताव राज्य सरकार और उच्च स्तर पर भी विचाराधीन है।

गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग जनपद उत्तराखंड के सर्वाधिक भूस्खलन संभावित जिलों में शामिल है, और इस वर्ष यात्रा काल में इसने कई नई चुनौतियों को जन्म दिया है।

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