Uttarakhand News

प्रदेश में सुरक्षा तंत्र नाकाम, कांवड़ यात्रा के नाम पर फैल रही अराजकता

Kavad Yatra Rudraprayag News Today: प्रदेश में सुरक्षा तंत्र नाकाम, कांवड़ यात्रा के नाम पर फैल रही अराजकता

Kavad Yatra Rudraprayag News Today: सावन मास में शिवभक्ति का पर्व कांवड़ यात्रा इस बार प्रदेश में अराजकता और अशांति का पर्याय बनता जा रहा है। विश्व अखाड़ा परिषद के गौ रक्षा विभाग के प्रदेश अध्यक्ष रोहित डिमरी ने रुद्रप्रयाग में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था कांवड़ यात्रा के दौरान पूरी तरह फेल साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित कांवड़िए शराब और नशे की हालत में यात्रा में शामिल होकर माहौल को बिगाड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा शिवभक्ति, संयम और साधना का प्रतीक है लेकिन वर्तमान में इस यात्रा को कुछ असामाजिक तत्वों ने शोरगुल, ध्वनि प्रदूषण और अश्लीलता का मंच बना दिया है। गढ़वाल की शांत वादियों में इन दिनों कांवड़ियों के झुंड तेज आवाज में फूहड़ गाने बजाकर माहौल को अशांत कर रहे हैं। बाजारों से लेकर गाँव की गलियों तक शोर शराबे ने आमजन का जीना दूभर कर दिया है।

डिमरी ने पत्रकारों को बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान माताओं और बहिनों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। कुछ तथाकथित कांवड़िए महिलाओं को देखकर अश्लील हरकतें कर रहे हैं, सीटी बजा रहे हैं और झुंड बनाकर बाजारों में उत्पात मचा रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे हों या अस्पताल जाने वाले मरीज, सबको इनकी वजह से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गौ रक्षा विभाग अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या कांवड़ यात्रा शिवभक्ति का पर्व है या फिर कानफोड़ू ध्वनि प्रदूषण का? भोलेनाथ के डमरू और त्रिशूल की जगह अब बाइक के मोडिफाइड साइलेंसरों की तेज आवाजें सुनाई दे रही हैं। कई युवक-युवतियाँ बाइक रैली निकालकर यात्रा को ‘ध्वनि प्रदूषण यात्रा’ में बदल रहे हैं। इससे न केवल वृद्ध, बीमार और छोटे बच्चे परेशान हो रहे हैं बल्कि गढ़वाल की शांत फिजा भी दूषित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर कांवड़ियों और स्थानीय लोगों के बीच झड़पें भी हो चुकी हैं। यह स्थिति बताती है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो स्थिति और बिगड़ सकती है। डिमरी ने कहा कि ऐसे उपद्रवी तत्वों की पहचान कर उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि शिवभक्ति की गरिमा बनी रहे।

गौ रक्षा विभाग ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर तत्काल प्रभाव से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा में साधु-संतों के भेष में अन्य समुदायों के लोग भी ठगी कर रहे हैं, ऐसे में प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

डिमरी ने कहा कि शिवभक्ति का सही स्वरूप संयम, साधना और आत्मनियंत्रण से जुड़ा है, न कि तेज साउंड और उन्मादी नृत्य से। उन्होंने अपील की कि समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर इस पवित्र यात्रा की गरिमा को बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

इस पत्रकार वार्ता में गौ रक्षा विभाग के जिला कोषाध्यक्ष संदीप कप्रवाण, उपाध्यक्ष दीपक नौटियाल, सचिव दीपक बिष्ट, सदस्य अंकित राणा, प्रवीन रावत और मीडिया प्रभारी प्रवीन सेमवाल समेत कई लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि प्रदेश सरकार जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर प्रदेश की जनता को कांवड़ यात्रा की आड़ में बढ़ रही अराजकता से राहत दिलाए।

यह भी पढ़ें: केदारनाथ यात्रा से महिला समूहों की आय में बढ़ोतरी, स्वरोजगार को मिला प्रोत्साहन

अगर आपको  उत्तराखंड से सम्बंधित यह पोस्ट अच्छी  लगी हो तो इसे शेयर करें साथ ही हमारे Facebook | Twitter | Instagram व | Youtubeको भी सब्सक्राइब करें।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *