उत्तराखंड समाचार: देहरादून में 6 छात्रों की जान लेने वाले कंटेनर का फिटनेस सर्टिफिकेट 2013 में हुआ था खत्म, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

उत्तराखंड समाचार: देहरादून में सोमवार 11 नवंबर को ओएनजीसी चौक पर हुए सड़क हादसे में तेज रफ्तार इनोवा कार एक कंटेनर से टकरा गई। इस हादसे में इनोवा सवार 6 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।

कंटेनर का फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट सालों पहले हो चुके थे खत्म

हादसे में शामिल कंटेनर का फिटनेस सर्टिफिकेट 16 अगस्त 2013 को ही खत्म हो गया था, जबकि नेशनल परमिट 10 अगस्त 2015 में समाप्त हो गया। इतना ही नहीं, कंटेनर का बीमा और परिवहन विभाग का टैक्स भी 2015 में समाप्त हो चुका था। कंटेनर पर कोई रिफ्लेक्टर नहीं लगे थे, साइड इंडिकेटर और बैक लाइट भी काम नहीं कर रही थी।

हादसे का विवरण

प्राथमिक जांच में पता चला है कि हादसा देर रात हुआ, जब इनोवा कार बाईं ओर खड़े कंटेनर से टकराई और फिर विपरीत दिशा में पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर के कारण इनोवा की छत टूट गई, और सामने बैठे दो छात्रों के सिर धड़ से अलग हो गए। अन्य चार छात्रों ने भी मौके पर दम तोड़ दिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल छात्र का इलाज अस्पताल में जारी है।

कंटेनर का रजिस्ट्रेशन और स्थिति

कंटेनर (HR-55J-4348) का पंजीकरण 2009 में गुरुग्राम आरटीओ में हुआ था। बाद में इसे खतौली निवासी एक व्यक्ति ने खरीद लिया। आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कंटेनर सड़क पर चलने के लायक नहीं था। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कंटेनर रात में चोरी-छिपे चलता था, जिससे वह परिवहन विभाग की निगरानी में नहीं आ पाया।

सीसीटीवी कैमरों में खामियां

ओएनजीसी चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरे दुर्घटना के समय बंद पाए गए। जांच में पता चला कि हादसे से कुछ घंटे पहले रात 11 बजे रिकॉर्डिंग बंद हो गई थी और अगले दिन सुबह 10 बजे अपने आप चालू हो गई। यह भी जांच का विषय है।

मुकदमा दर्ज और कार्रवाई

घायल छात्र सिद्धेश के पिता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात कंटेनर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कंटेनर चालक की तलाश में पुलिस ने टीमों को यूपी के खतौली और सहारनपुर भेजा है। पुलिस सिद्धेश के होश में आने का इंतजार कर रही है, क्योंकि वही इस दुर्घटना की सटीक जानकारी दे सकता है।

यह हादसा परिवहन नियमों के पालन में लापरवाही और वाहन फिटनेस के अनदेखे होने का गंभीर उदाहरण है। पुलिस और परिवहन विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि कैसे बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा के यह कंटेनर सड़क पर चल रहा था।

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